Shri Krishna
नगर मेड़ता मीरा
Nagar Merta Meera
Meera
Shri Krishna
मीरा बाई के मायके मेड़ता नगर और उनकी प्रतीक्षा के भाव पर आधारित पारंपरिक भजन।
सांवरा, अब उतरी रे मोहन, आवो तो खरी,
नगर मेड़ता में, मीरा थारी बाट जोवे।
तुलसी माला हाथ में, अरे शालिग्राम जी, पूजा करे मीरा,
नहीं कोई काम, सांवरिया,
नगर मेड़ता में मीरा, थारी बाट जोवे।
गिरधर तेरी मूरत, मीरा के ही यह माय,
बांधों, गिरधर थारो ले, सांवरिया, हम तरी, मीरा,
नगर मेड़ता में मीरा, थारी बाट जोवे।
राणाजी की बातें, मीरा ने छेड़ी,
संत शिरोमणि मीरा बाई रे,
नगर मेड़ता में मीरा, थारी बाट जोवे।
पल-पल, मीरा, थारी बाट जोवे,
सांवरिया, हम तरी, मीरा,
नगर मेड़ता में मीरा, थारी बाट जोवे।
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।