Koyal Vani
Shri Krishna

कोयल वाणी

Koyal Vani

गायक
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संगीतकार
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गीतकार
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भाषा
Rajasthani
Meera Shri Krishna

मीरा बाई की भक्ति और कृष्ण-प्रेम पर आधारित पारंपरिक लोक भजन।

कोयल वाणी बोली रे, कागा मेरा मन राम से लागा। हरी रो नाम ले बंदा, क्यों थारी जिबिया घसी जावे। कोयली वाणी बोली रे, कागा मेरा मन राम से लागा। पांच सखी बाग में जावे, झोली भरी फुलड़ा लावे, आधा राधा श्याम ने देवे, आधा वा गोद में राखे। कोयली वाणी बोली रे, कागा मेरा मन राम से लागा। आंबली आरी टूटी रे, डाली रोवन लागो बाग रो माली, क्यों रोवे बागरा माली, पाछी नहीं लागे वा डाली। कोयली वाणी बोली रे, कागा मेरा मन राम से लागा। मीरा बाई चरना री दासी, कट जाई जमना री फांसी। कोयल वाणी बोली रे, कागा मेरा मन राम से लागा।

यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।

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