Mamta Ki Ot Mein
Shri Ram

ममता की ओट में

Mamta Ki Ot Mein

गायक
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संगीतकार
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गीतकार
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भाषा
Rajasthani
Rajasthani Bhajan Shri Ram

मोह-माया के भ्रम और राम-नाम स्मरण की सीख देता पारंपरिक भजन।

सांवरिया रे ममता की ओट में, सब कुछ छुप जाए। कोटी-कोटी नजारों, भ्रम थारे मन का, ममता की ओट में। सांझ पड़े, पंछी घर आवे, अरे पीछे आवे राम नाम, अरे राम नाम, सब कुछ छूट जाए, ममता की ओट में। सच्चा सतगुरु मिले, मन का भ्रम मिटावे रे, सतगुरु चरण में, सब कुछ छुप जाए। कोटी-कोटि नजारों, भ्रम थारे मन का, ममता की ओट में। मिन्नख जन्म अनमोल, सतगुरु पधारो, कोटी-कोटि नजारों, भ्रम थारे मन का। राम नाम रो सुमिरण कर ले, वही अनुकरण करे, हरि ॐ गुप्ता ने, ममता की ओट में।

यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।

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