Shri Ram
भरती हो जा रे सत्संग में
Bharti Ho Ja Re Satsang Mein
Rajasthani Bhajan
Shri Ram
सत्संग में शामिल होकर भाग्य खोलने की सीख देता पारंपरिक भजन।
हे भरती हो जा रे सत्संग में, थारो भाग खुले ला रे।
जन्म मरण तो आदू मार्ग मृत्यु वेला रे,
हे वीरा मारा मृत्यु वेला रे,
सुंदर काया कंचन थारी, छोड़ चले ला रे।
भरती हो जा रे सत्संग में, थारो भाग खुले ला रे।
कर पुरुषार्थ ज्ञान गरीबी गुरु गम मेला रे,
सत्संग धार हियो मत हारो, अरे मौज मिले ला रे।
भरती हो जा रे सत्संग में, थारो भाग खुले ला रे।
अमृत सिंधु सुख सागर भरयो प्रेम ही लोड़ा रे,
प्रेम री चुपकी मार ले हंसा, मोती चुगला रे।
भरती हो जा रे सत्संग में, थारो भाग खुले ला रे।
लखमी राम माने सतगुरु मिलिया ज्ञान विचारा रे,
हरि राम हरि भक्ति करले, काज सरेला रे।
भरती हो जा रे सत्संग में, थारो भाग खुले ला रे।
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।