Shiv Ji
शिव समान दाता
Shiv Saman Data
Shiv
Shiv Ji
भगवान शिव की महिमा और कैलाश-पार्वती प्रसंग पर आधारित पारंपरिक राजस्थानी भजन।
शिव समान दाता नहीं विपत विड हार,
लज्जा मोरी राखियो शिव बेलन के हसवा।
कैलासो रे माय रे वनवासो रे माय,
माहादेव जी कही ज भूमि रो पाट वियो राज,
कैलाश रे माय रे वनवासो रे माय।
माहादेव जी पार अवतार में सोटे हो राज,
जीते जनो ने राज रे, जीते जिनो ने राज।
हारे जीनो ने देवा केवट राज, जीते जिनो ने राज।
नोखे पे लोडो दाव रे, नोखे पे लोडो दाव,
महादेव जी जीतने पर्वता हारिया वो राज।
न खेती जोड़ो दाव रे, न खेती जोड़ो दाव,
महादेव जी जीतने पर्वता हारिया वो राज।
नोखे च थोड़ो दाव रे, नोखे च थोड़ो दाव,
पार्वती जी तने महादेव हारिया वो राज।
घाले ना दिए भार रे, ले नांद भार,
अरे हले हले रे माहादेव जी चालि आ वो राज।
कड़ी हेरी रे माय रे, बमी भोम रे मा,
देवी रो रथ डोरे हम आयो राज,
देवी रो रथ डोरे सामी आवियो राज।
बाबा अलगो जाए रे जोगी अलगो जाए,
रह जाई रह जाई मर्ग में एकलो हो राज।
ले जोड़ी में हाथ रे, ले जोड़ी में हाथ,
तीनी पाखरो त्रिशूली काडियो वो राज।
लीनो हाथो रे माय रे, लीनो हाथो रे मा,
काला भेरू रो माथो वाडियो राज।
शंकर रो अवतार रे, महादेवर रो अवतार,
माया मानो रे भोलेनाथ री हो राज।
नम सूरज भांड रे, नम सूरज भाण,
चंद्रमा उतारे हरि री आरती हो राज,
मादव अवतार रे शंकर रो अवतार।
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।