Om Jai Jagdish Hare
Shri Krishna

ॐ जय जगदीश हरे

Om Jai Jagdish Hare

गायक
संगीतकार
गीतकार
Pandit Shraddha Ram Phillauri
भाषा
Hindi
Aarti Shri Krishna

यह सर्वव्यापी विष्णु आरती पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी द्वारा 19वीं शताब्दी में रचित है और आज भारत के लगभग हर घर में गाई जाती है।

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय... जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का। सुख संपत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय... मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी। तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय... तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी। पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय... तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता। मैं मूरख फलकामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय... तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति। किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय... दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय... विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय... जगदीश्वर जय जय, जगदीश्वर जय जय। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥

यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।

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