Radha Krishna
जय राधे कृष्ण
✦ मौलिक भजन — Sundari Bhajans द्वारा रचित (मूल रचना, स्वतंत्र प्रकाशन)
राधे राधे बोलो सारे, गूंजे मुरली की तान,
कान्हा तेरे चरणों में है, मेरे मन का ध्यान।
यमुना तट पर रास रचाए, गोपियों संग श्याम,
राधा नाम बिना अधूरा, कृष्णा तेरा नाम।
वृंदावन की गलियों में, बजती पैंजनी की झंकार,
राधे कृष्ण के प्रेम का, ये है अनोखा प्यार।
मोरपंख शीश सजाए, बजाएं मुरली मीठी तान,
राधे राधे जपते जपते, मिल जाए भगवान।
गोकुल की हर धूल में है, कान्हा का ही वास,
राधा रानी के हृदय में, श्याम का ही निवास।
जो भी जन ये भजन गाए, मिटे उसका हर दुख दर्द,
राधे कृष्ण की भक्ति से, जीवन हो हमसफर।