Durga Mata
जय अम्बे गौरी
Jai Ambe Gauri
Aarti
Durga Mata
माँ दुर्गा की सुप्रसिद्ध आरती, नवरात्रि और नित्य पूजा में गाई जाती है।
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निसदिन सेवत, हर ब्रह्मा शिवरी॥
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥
जय अम्बे गौरी...
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।
सुर-नर-मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी॥
जय अम्बे गौरी...
ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी।
आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥
जय अम्बे गौरी...
भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्पर धारी।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी॥
जय अम्बे गौरी...
श्री अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
यह भजन पारंपरिक/सार्वजनिक डोमेन रचना है।